भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

Changes

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

रंग ख़तरे में हैं / कुमार विकल

237 bytes added, 16:10, 9 सितम्बर 2008
{{KKGlobal}}
{{KKRachna
|रचनाकार=कुमार विकल
}}
 
{{KKPustak
|चित्र=--
|नाम=रंग ख़तरे में हैं
|रचनाकार=[[कुमार विकल]]
|प्रकाशक= आधार चित्रलेखा प्रकाशन, 372/सेक्टर-17147 सोहाबतिया बाग, पंचकूला-134109इलाहाबाद, हरियाणाउत्तर प्रदेश, भारत |वर्ष= 1980
|भाषा=हिन्दी
|विषय=-- कविताएँ
|शैली=--
|पृष्ठ= 80
|ISBN=--
|विविध=--कवि ने यह संग्रह डा. इंद्रनाथ मदान और डा. रमेश कुंतल मेघ को समर्पित किया है।
}}
* [[होली के दिन एक कविता / कुमार विकल]]