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Kavita Kosh से
<Poem>
उन्माद कभी ज्यादा देर तक नहीं
ठहरता ,
यही है लक्षण उन्माद का ।
बीजों में , पेड़ों में , पत्तों में नहीं होता
उन्माद
आँधी में होता है
उन्माद में बराबर ।
सूर्य और चन्द्र में तो होता ही
नहीं उन्माद ,
होता भी है तो ग्रहण