भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

Changes

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

एक बूँद / विमल राजस्थानी

988 bytes added, 08:26, 10 दिसम्बर 2013
'{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=विमल राजस्थानी |संग्रह=इन्द्रधन...' के साथ नया पन्ना बनाया
{{KKGlobal}}
{{KKRachna
|रचनाकार=विमल राजस्थानी
|संग्रह=इन्द्रधनुष / विमल राजस्थानी
}}
{{KKCatKavita}}
<poem>
एक बूँद पी तृषा हमारी खो गयी
एक बूँद ऊसर में वारिध बो गयी
एक बूँद बादल बन कर नभ चूमती
एक बूँद लहरों पर लहरा झूमती
एक बूँद आँसू की? किसके दृग झरे?
(एक बूँद अंजलि में कोई क्या भरे?)
क्या वह मात्र ओस की नन्हीं बूँद थी?
या बासी बदली पर जमी फफूँद थी?
पता नहीं वह ‘‘बूँद’’ कहाँ से आ गयी।
जिसको पा, जिन्दगी पा गयी।
</poem>
Delete, Mover, Protect, Reupload, Uploader
2,244
edits