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मन करता है साथ तुम्हारे / कमलेश द्विवेदी
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17:41, 21 सितम्बर 2020
कभी सोचते क्या ये तुमको
पीड़ा पहुँचायेंगी।
दुविधा
कि
की
ये स्थितियाँ मन पर आघात करें।
मन करता है साथ तुम्हारे बैठें बात करें।
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