गृह
बेतरतीब
ध्यानसूची
सेटिंग्स
लॉग इन करें
कविता कोश के बारे में
अस्वीकरण
Changes
औरत को खिलौना मत समझो, छू ले तो तेज़ कटारी है / डी. एम. मिश्र
259 bytes added
,
2 मार्च
'{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=डी. एम. मिश्र |संग्रह=सच कहना यूँ अ...' के साथ नया पृष्ठ बनाया
{{KKGlobal}}
{{KKRachna
|रचनाकार=डी. एम. मिश्र
|संग्रह=सच कहना यूँ अंगारों पर चलना होता है / डी. एम. मिश्र
}}
{{KKCatGhazal}}
<poem>
</poem>
Dkspoet
Delete, KKSahayogi, Mover, Protect, Reupload, Uploader
19,333
edits
इस पृष्ठ को बेहतर बनाने में मदद करें!
लॉग इन करें
साइन अप करें