भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

Changes

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

सभ्यता / अविनाश

18 bytes added, 09:41, 8 नवम्बर 2009
|संग्रह=
}}
{{KKCatKavita}}<Poem>मैं थोड़ा सभ्य हूं
मुझसे ज्यादा सभ्य हैं वे लोग
जिनके साथ मैं काम करता हूं
आह अभिलाषा! मेरी महत्वाकांक्षा!
कितने सभ्य होते होंगे प्रधानमंत्री!</poem>
Delete, KKSahayogi, Mover, Protect, Reupload, Uploader
19,333
edits