भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

Changes

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
|संग्रह=माँ की मीठी आवाज़ / अनातोली परपरा
}}
{{KKCatKavita‎}}
[[Category:रूसी भाषा]]
 <poem>
'''कवि व्लादीमिर सकालोफ़ के लिए'''
 
छोटी-सी वह नदिया और नन्ही-सी पहाड़ी
 
वनाच्छादित भूमि वह कुछ तिरछी-सी, कुछ आड़ी
 
बसी है मेरे मन में यों, छिपा मैं माँ के तन में ज्यों
 
नज़र जहाँ तक जाती, बस अपनापन ही पाती
 
ऊदे रंग की यह धरती मन को है भरमाती
 
चाहे मौसम पतझड़ का हो या जाड़ों के पहने कपड़े
 
मुझे लगे वह परियों जैसी, मन को मेरे जकड़े
 
कभी लगे कविता जैसी तो कभी लगे कहानी
 
बस, लाड़ करे धरती माँ मुझ से, भूल मेरी शैतानी
 
अब मेरे बच्चे भी ये जाने हैं, उनका उदगम कहाँ
 
जहाँ बहे छोटी-सी नदिया, है नन्ही पहाड़ी जहाँ
</poem>
Delete, Mover, Protect, Reupload, Uploader
54,035
edits