Changes

जैसे कि इस क्षण मैं
कर रहा हूँ कविता के जल से तुम्हें स्नात
और कविता के आभूषणों से ही से कर रहा हूँ तुम्हारा श्रृंगार।शृंगार।
अगर ऐसा हो कभी
Delete, Mover, Protect, Reupload, Uploader
54,039
edits