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वो जिसके हाथ में छाले हैं, पैरों में बिवाई है / अदम गोंडवी

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वो जिसके हाथ में छाले हैं, पैरों में बिवाई है ।
उसी के दम से रौनक़ आपके बँगलों में आई है ।

इधर एक दिन की आमदनी का औसत है चवन्नी का,
उधर लाखों में गाँधी जी के चेलों की कमाई है।

कोई भी सिरफिरा धमका के जब चाहे ज़िना[1] कर ले,
हमारा मुल्क इस माने में 'बुधुआ' की लुगाई है।

ये रोटी कितनी महँगी है ये वो औरत बताएगी,
कि जिसने जिस्म गिरवी रखके ये क़ीमत चुकाई है।

शब्दार्थ
  1. बलात्कार, व्याभिचार