भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

शेरो पे हो गई सवार सवार महारानी / बुन्देली

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

शेरों पे हो गई सवार, सवार महारानी।
माली पे हो गई दयाल, दयाल महारानी। शेरों...
शेरों सवार मैया महलों गई थीं
राजा पे हो गई दयाल, दयाल महारानी। शेरों...
शेरों सवार मैया मंदिर गई थीं
भक्तों पे हो गई दयाल, दयाल महारानी। शेरों...
शेरों सवार मैया मेरे घर आओ
हम पे भी हो जाओ दयाल। शेरों...