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शोक-प्रदर्शन / बालकृष्ण काबरा 'एतेश' / लैंग्स्टन ह्यूज़
Kavita Kosh से
मेरा शोक
मनाने वालों से कहना —
पहने कपड़े लाल
मेरे मर जाने का
क्या मतलब है,
और क्या मलाल !
अँग्रेज़ी से अनुवाद : बालकृष्ण काबरा ’एतेश’