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सेयाम कुइयाँ पनियाँ ले / अंगिका लोकगीत

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

प्रस्तुत गीत में लड़की को कुएँ पर पानी के लिए जाने से मना किया गया है; क्योंकि भय है कि उसके वहाँ जाने से कोई प्रलोभन देकर उसका हरण कर ले जायगा।

सेयाम कुइयाँ पनियाँ ले, मत जो गे छिनरो[1]
ओतहिं[2] भेंटतौ[3], सिनुरिया[4] के लड़िका।
टिकुली पिन्हाय[5], मन मोहतौ गे लबरो॥1॥
सेयाम कुइयाँ पनियाँ ले, मत जो गे छिनरो।
ओतहिं भेंटतौ, सोनरबा के लड़िका।
झुमका पिन्हाय मन मोहतौ, गे छिनरो॥2॥
सेयाम कुइयाँ पनियाँ ले, मत जो गे छिनरो।
ओतहिं भेंटतौ, दरजिया के लड़िका।
चोलिया पिन्हाय, मन मोहतौ गे लबरो।
सेयाम कुइयाँ पनियाँ ले, मत जो गे छिनरो॥3॥

शब्दार्थ
  1. छिनाल
  2. वहीं; वहाँ
  3. मिलेगा
  4. सिंदूर बेचने वाला
  5. पहनाकर