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हम तो दरदे बेयाकुल, ननदिया के हाँसी बरे / मगही

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मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

हम तो दरदे[1] बेयाकुल, ननदिया के हाँसी[2] बरे[3]
सासु तोर पइयाँ[4] परू[5] रूसिनिया[6] के बिदा करूँ।
छिनरिया[7] के बिदा करूँ, सतभतरी[8]

शब्दार्थ
  1. दर्द से
  2. हँसी, ठिठोली
  3. आती है
  4. पाँव, पैर
  5. पडूँ
  6. रूठने वाली
  7. छिनाल स्त्री
  8. सात भर्तार रखनेवाली, सप्तपतिका, सप्तभत्तृ का