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हवाईयान से झाँककर- ब्राउन्सबेरख झील-1 / पुष्पिता

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सूरी नाम सुंदरी की
आँखों में है
नीलम घाटी की
सुनील झील
पारदर्शी और रूपवती ।

ब्रान्सबेरख-झील में
नीलवर्णी आँखों का
नीलगर्मी-सुख ।

झील में
सोया है-स्वर्ण-कुंड
प्रकृति सुंदरी की
नीली-झीनी-भीनी-गीली
उद्निया भीतर
वक्ष में सोया है-हेमकूट
स्वर्ण उपत्यकाएँ
ढूँढने आती है जिसे-स्वर्ण रश्मियाँ
और चंद्र किरणें ।

ब्रॉन्सबेर्रव की नीली-झील
अपनी आँखों की नीलिमा में
छिपाए रखती है-धधकते स्वर्ण के
विलक्षण स्वर्ण अमृत-घट ।

ललचते हैं-पर्यटक
और खो जाना चाहते हैं-ब्रान्सबेरर्व की
नीलिमा के भीतर
लेकिन
कठिन है-
बहुत कठिन है-
बॉक्साईड पर बैठकर
स्वर्ण-नील घाटी के
सौन्दर्य को जीना