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हवा में नाचता हुआ बच्चा / हरिवंश राय बच्चन / विलियम बटलर येट्स

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नाचे जाओ सिन्धु-तीर पर
तुमको क्या परवाह
तरंगें और हवाएँ गरज रही हैं ?
खारी बून्दों से भीगी अलकें लहराओ
                                  नाचे जाओ ।
तुम छोटे हो,
अभी नहीं तुमने देखा है,
विजय मूर्ख की,
हार प्रेम की
                  ज्यों ही वह विजयी होता है,
कटी फ़सल गट्ठों में बन्धने को बाक़ी है
                    और खेतिहर मर जाता है।
तुमको क्या डर
अगर बवण्डर दानव-स्वर में चिल्लाता है ।

मूल अँग्रेज़ी से हरिवंश राय बच्चन द्वारा अनूदित

लीजिए अब पढ़िए यही कविता मूल अँग्रेज़ी में
                  William Butler Yeats
        To a Child Dancing upon the Shore

DANCE there upon the shore;
What need have you to care
For wind or water’s roar?
And tumble out your hair
That the salt drops have wet;
Being young you have not known
The fool’s triumph, nor yet
Love lost as soon as won.
And he, the best warrior, dead
And all the sheaves to bind!
What need that you should dread
The monstrous crying of wind?