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हाँ, हाँ, हाँ मेरा भोला है राजा / मगही

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मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

हाँ, हाँ, हाँ मेरा भोला है राजा।
कमरे में दाई काहेको[1] आई,
राजा जी, मेरी नाफे[2] टली[3] थी॥1॥
हाँ, हाँ, हाँ मेरा भोला है राजा।
हाँ, हाँ, हाँ मेरा सुरमा[4] सिपाही।
रानी पीली साड़ी काहे को पेन्हे थी।
राजा जी, मैं तो न्योते गई थी॥2॥
राजा जी, मेरा भोला है राजा।
रानी कमरे में कौन रोया था।
राजा जी, दो ये बिल्ले[5] लड़े थे।
राजा जी, मेरा भोला है राजा।
राजा जी, मेरा सीधा है राजा॥3॥

शब्दार्थ
  1. किसलिए
  2. नस
  3. खिसक गई
  4. शूर वीर
  5. बिड़ाल