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112 / हीर / वारिस शाह

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बच्चा! दुहां ने रब्ब नूं याद करना नहीं इशक नूं लीक लगवाना ई
अठे पहर खुदाए दी याद अंदर तुसां ज़िकर ते खैर कमावना ई
पीर देख के तबाअ[1] निहाल होए हुकम कीता है रब्ब नूं धियावना ई
वारिश शाह पंजां पीरां हुकम कीता बच्चा दिल नूं नहीं डुलावना ई

शब्दार्थ
  1. तबीयत