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236 / हीर / वारिस शाह

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लिखया एह जवाब रंझेटड़े ने जदों जी विच ओसदे शोर पए
पहले दुआ सलाम प्यारां नूं मंझू वाह फिराक[1] दे बोड़ पए
असां जान ते माल दरपेश कीता तुसी लगड़ी परीत नूं तोड़ गए
उसे रोज दे असी फकीर होए जिस रोज दे हुसन ते चोर पए
साडी ज़ात सफात बरबाद करके लड़ खेड़यां दे नाल जोड़ गए
आप हस्स के सौहरा मलया जे साडे रूह दा रसा नचोड़ गए
वारस शाह मियां मिलियां वाहरां[2] नूं धड़वैल[3] वेखो जोरो जोर गए

शब्दार्थ
  1. बिछड़ना
  2. खबरें
  3. लुटेरे