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260 / हीर / वारिस शाह

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चेलयां गुरु दा हुकम परवान कीता जा सुरग दियां सिरियां मेलियां ने
सब तिंन सौ सठ जां भवे तीरथ वाच गुरां मंतरां कीलियां ने
नौ नाथ बवंजड़ा वीर आए चैसठ जोगनी नाल रसीलियां ने
छे छती ते दस अवतार आए विच आबहयात दे झीलियां ने

शब्दार्थ