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274 / हीर / वारिस शाह

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तूं तां जोग लया नाल साहिबी दे खुशी नाल गुमान दे आ लीतो
भले मिलदयां टिले ते आन चढ़यो जोग गल दे नाल तूं पा लीतो
कोई पाए भुलावड़ा ठगयो ई सिर गुरु दे जादडू पा लीतो
वारस शाह तों जोग दा लया झाड़ा हिक अगे तूं जोग नूं ला लीतो

शब्दार्थ