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संदेश / ओएनवी कुरुप
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19:47, 22 अप्रैल 2011
तो दिखाई दिए उसके पंख
किसी ने उसकी हत्या कर दी थी
फिर मैंने
कहानियों को सोचकर
एक
तोते के बारे में सोचा
तोता
गा
गुनगुना
सकता
है
हमारी पीड़ा का गीत
मैंने
एक
तोते
की खोज की
को ढूँढा
धान के
अनाजहीन
खेत
में
और रोने लगा
रो पड़ा
हरे पेडों के झुंड ने कहा--
अनिल जनविजय
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