धोबी ने धोते समय इनको रगडा़ था
पीटा था
मैल कट गया पर ये न कटींयह और अन्दर चलीं गयींहम ने निर्मम होकर इन्हें उतार दियाइन्होंने कुछ नहीं कहापर हर बारये हमारा कुछ अंश ले गयींजिसे हम जान न सकेत्वचा से इनका जो सम्बन्ध है वह रक्त तक हैरक्त का सारा उबाल इन्होंने सहा हैइन्हें खोलकर देखोइन में हमारे खून की खुशबू जरूर होगीअभी ये मौन हैंपर इन की एक एक परत में जो मन छिपा हैवह हमारे जाने के बाद बोलेगायादें आदमी के बीत जाने के बाद ही बोलती हैंबक्सों में बन्द रहेने दो इन्हेंजब पूरी फुर्सत हो तब देखनाइन का वार्तालाप बडा़ ईष्यालू हैकुछ और नहीं करने देगा
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