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"तीर और तलवार / सूरजपाल चौहान" के अवतरणों में अंतर

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12:27, 4 जुलाई 2015 के समय का अवतरण

सोने की चिड़िया
उड़कर
न जाने कहाँ
चली गयी
दूध की बहती नदियाँ
और वो घाट
जहाँ शेर और बकरी
पीते थे
पानी एक साथ
ज़मीन में धँस गये!
राम और रहीम
सियासत में फँस गये।