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जलदेवता / विमल गुरुङ

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मुस्कुराएछ जलदेवता
हुर्रा ! मुस्कुराउँछ जलदेवता
आकाश भरिभरि
पोखेर मुस्कानका लहरहरु
कतिखेर पानी पर्ने हो
कत्रो पर्ने हो
प्रतिक्षा कै बिषय छ
आँगनको लुगा उठाएको छैन
सुकाएको धान बोरामा हालेकै छैन
कतिखेर पानी पर्ने हो
कत्रो पर्ने हो
प्रतिक्षा कै बिषय छ ।