Last edited 18 years ago by an anonymous user

भारत / सोहनलाल द्विवेदी

अंतरिक्ष (चर्चा) द्वारा परिवर्तित 18:16, 6 दिसम्बर 2006 का अवतरण

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
रचना संदर्भरचनाकार:  सोहनलाल द्विवेदी
पुस्तक:  प्रकाशक:  
वर्ष:  पृष्ठ संख्या:  

भारत तू है हमको प्यारा,
तू है सब देशों से न्यारा।

मुकुट हिमालय तेरा सुन्दर,
धोता तेरे चरण समुन्दर।

गंगा यमुना की हैं धारा,
जिनसे है पवित्र जग सारा।

अन्न फूल फल जल हैं प्यारे,
तुझमें रत्न जवाहर न्यारे!

राम कृष्ण से अन्तर्यामी,
तेरे सभी पुत्र हैं नामी।

हम सदैव तेरा गुण गायें,
सब विधि तेरा सुयश बढ़ायें।

इस पृष्ठ को बेहतर बनाने में मदद करें!

Keep track of this page and all changes to it.