Last modified on 2 अगस्त 2010, at 02:39

तेगा ले गुरु ज्ञान का, राम भक्ति की ढाल / गंगादास

अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 02:39, 2 अगस्त 2010 का अवतरण (नया पृष्ठ: {{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=गंगादास }} Category: कुण्डली <poem> तेगा ले गुरु ज्ञान का…)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)

तेगा ले गुरु ज्ञान का, राम भक्ति की ढाल ।
धर्म तमंचा बाँध ले, कदी लुटै ना माल ।।

कदी लुटै ना माल पडे डाका ना तस्कर ।
बेखटकै ले नफा जहाँ चोरों के लस्कर ।।

गंगादास कह कदी माल अपना ना देगा ।
कर दे मार मदान ज्ञान का लेकर तेगा ।।