|नाम=मिक्लोश रादनोती
|उपनाम=
|जन्म=5 मई 1909
|मृत्यु=9 नवम्बर 1944
|जन्मस्थान=बुदापेश्त, हंगरी।
|कृतियाँ=नए चांद की रात (1935), एक मूर्तिपूजक प्रकृतिपूजक का स्वागत (पोगानी कोसोंतो1930), 'चलते नए चरवाहों का गीत (1931), ’चलते रहो, तुम मृत्यु-अभिशप्त'(1936),आसमान में झाग उठ रहे हैं (1946)
|विविध=हिन्दी में इनके अनुवाद कवि विष्णु खरे ने किए हैं।
|जीवनी=[[मिक्लोश रादनोतीन / परिचय]]