मुझे वो लोग खींचकर ले गए
एकांत में
पूछा- "गोरे लोगों के बारे में
तेरा क्या ख़याल है?"
मैंने कहा- "सुनिए, महाशय!
सच बात तो यही है कि
जो आप कहें वही सही है
अगर मुझे छोड़ दें तो।"
फिर उनमें से एक गोरे ने कहा
"बेटे यह भी तो हो सकता है
कि तू मेरी हत्या करने के लिए ही
यहाँ खड़ा था?"
फिर उसने मेरे सिर पर प्रहार किया
और मुझे नीचे गिरा दिया
और सब लगे मुझे जमकर पीटने
लाठी से ताबड़-तोड़
फिर उनमें से एक ने कहा
"अरे, ओ निगर, मेरी ओर देख
और बोल कि गोरों का महत्त्व स्वीकार करता है।"
मूल अंग्रेज़ी से अनुवाद : राम कृष्ण पाण्डेय