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गट-गट सूखे एक / गगन गिल

गट-गट सूखे एक प्यास


कुछ भूखे

कुछ रूखे

कोई पैने

कोई चपटे


काँटे उगे वहाँ

कई हज़ार


गट-गट पले एक प्यास


कभी माथा
कभी चमड़ी
कभी हड्डी
कभी पसली


फाड़ लिखे उसने
लेख गजब
सिर में गुप-चुप चिने एक बात


कभी दिखे

कभी छिपे

कभी भटके

भटकाए


घुटनों में अपने ही सिर से थक जाए


गट-गट उड़े एक प्यास