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ननदी के अँगना चनन घन गछिया / भोजपुरी

ननदी के अँगना चनन घन गछिया, ताही रे चढ़ी ना,
हो बोलेला जोड़ी कगवा, ताही रे चढ़ी ना।।१।।
का तूहूँ कगवा बोलेल बिरही बोलिया, मोरे घर ना,
आजु भइया रे पहुनवाँ, मोरे घर ना।।२।।
सामी से पूछिले इची एक बतिया, जाय रे देहु ना,
सामी अपने लइहरवा, जाय रे देहु ना,
सामी अपने लइहरवा, जाय रे देहु ना।।३।।
सावन-भदउवा के नदी बढ़िअइले, धनिया कइसे जइबू ना,
कइसे जइबू लइहरवा, धनिया कइसे।।४।।
चीरबों में सींकिया, बीनबों में वैरवा, ताही रे चढ़ि ना,
सामी जइबों लइहरवा, ताही चढ़ि ना।।५।।