भील लोकगीत ♦ रचनाकार: अज्ञात
चिकल्या घर जाओ बना,
चिकल्या घर जाओ बना।
तरवार विसाई ने वेधा घर आवो बना।
वाणिला घर जाओ बना।
पाधां विसाई ने वेधा घर आवो बना॥
- इस गीत में दूल्हे से कहा गया है कि- तुम सिकलीगल (तलवार बनाने वाले) के घर जाओ और तलवार लेकर जल्दी घर आओ। महाजन के यहाँ जाओ और पगड़ी लेकर जल्दी घर आओ।