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चेतावनी / हरिवंशराय बच्चन
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14:17, 20 सितम्बर 2012
रूप विराट
मदांध,नहिं तूने देखा है;
(नशा पुराना
जलद
जल्द
नहिं उतरा करता है.
और न अपने भौतिक दृग से देख सकेगा.
आकर कवि से दिव्यदृष्टि ले.
Sharda suman
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