गृह
बेतरतीब
ध्यानसूची
सेटिंग्स
लॉग इन करें
कविता कोश के बारे में
अस्वीकरण
Changes
लबरेज़ है शराब-ए-हक़ीक़त / अल्लामा इक़बाल
1 byte added
,
02:26, 10 फ़रवरी 2009
लबरेज़ है शराब-ए-हक़ीक़त से जाम-ए-हिन्द
सब फ़लसफ़ी हैं
खि़त्त
ख़ि
त्त
-ए-मग़रिब के राम-ए-हिन्द
ये हिन्दियों के फ़िक्र-ए-फ़लक रस का है असर
द्विजेन्द्र द्विज
Mover, Uploader
4,005
edits