'''--[[सदस्य:सम्यक|सम्यक]] ०५:१७, २१ नवम्बर २००९ (UTC)'''
धन्यवाद श्रद्धा जी! आगे से सामधेनी संग्रह की जिस कविता का नाम आपने बदला है वह वास्तव में "दीख" ही है, "दिख" नहीं। अतः मैं पुस्तक के मुखपॄष्ठ वाले चित्रों पुराने अवतरण को छोटा ही रखने का प्रयास करूँगा। पूर्ववत कर रहा हूँ। सादर--[[धर्मेन्द्र कुमार सिंह]]