{{KKRachna
|विविध=--
}}
*[[जो भी कहना था वो अनकहा रह गया / जहीर कुरैशी]]
*[[वो हिम्मत करके पहले अपने अन्दर से निकलते हैं / जहीर कुरैशी]]
*[[सपनों की भाव-भूमि को तैयार कर गई / जहीर कुरैशी]]
*[[मौन के गहरे समन्दर में कहीं खोने लगे / जहीर कुरैशी]]
*[[द्वन्द्व के ज्वार बदले नहीं / जहीर कुरैशी]]
*[[अब ‘आटोग्राफ़’ की लत बन गई है / जहीर कुरैशी]]
*[[उपालम्भ में करता है या आदर से बारे करता है / जहीर कुरैशी]]
*[[कम करती है गर्मी की मनमानी को / जहीर कुरैशी]]
*[[ हम एक -दूसरे से परस्पर नहीं मिलते / जहीर कुरैशी]]
*[[ख़ुशी मुख पर प्रवासी दिख रही है / जहीर कुरैशी]]
*[[जहाँ निडर थे वहाँ डर भी साथ-साथ रहे / जहीर कुरैशी]]
*[[हमारे भय पे पाबंदी लगाते हैं / जहीर कुरैशी]]
*[[जीत या हार का बस यही वक़्त है / जहीर कुरैशी]]
*[[यूँ डूबते हुए को सहारा नहीं मिला / जहीर कुरैशी]]
*[[कामनाओं की तलवार से / जहीर कुरैशी]]
*[[शर चले अविराम मंज़िल तक नहीं पँहुचे / जहीर कुरैशी]]