शम्बूक!
तुमने रामराज में
तपस्या कर
सशरीर स्वर्ग जाना चाहा
तुम्हारी यही तपस्या
सही नहीं गयी

ब्राह्मणों, क्षत्रियों व
ख़ुद राजा राम तक,
सबने षड्यन्त्र रचा और
तुम्हारा सिर धड़ पर न रहा
तुम मारे गये बेक़सूर
राजा राम के हाथों
रामराज में तब से
हत्यारा राजा राम
महिमामंडित हो
भगवान श्रीराम हो गया।

इस पृष्ठ को बेहतर बनाने में मदद करें!

Keep track of this page and all changes to it.