हर्ष से झूमी अयोध्या / रेनू द्विवेदी

हर्ष से झूमी अयोध्या,
ज्योति से वसुधा नहायी।
आगमन श्री राम जी का,
शांति सुख उत्साहदायी।

प्रेममय वातावरण है,
हर तरफ उल्लास छया।
नृत्य करतीं चहुँ दिशाएँ,
राम का फिर राज्य आया।

दम्भ का कर अंत प्रभु ने,
सत्य की झांकी सजायी।
आगमन श्री राम जी का,
शांति सुख उत्साहदायी।

धर्म की निश्चित विजय की,
राम की लीला निराली।
भू-गगन पुलकित हुए है,
हँस रही अब रात काली।

दीप मन में जल उठे हैं,
मिल रही सबको बधाई।
आगमन श्री राम जी का,
शांति सुख उत्साहदायी।

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