Last modified on 30 जून 2007, at 13:22

समकालीन / गोरख पाण्डेय

अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 13:22, 30 जून 2007 का अवतरण (New page: {{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=गोरख पाण्डेय |संग्रह=जागते रहो सोने वालो / गोरख पाण्डे...)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)


कहीं चीख उठी है अभी

कहीं नाच शुरू हुआ है अभी

कहीं बच्चा हुआ है अभी

कहीं फ़ौजें चल पड़ी हैं अभी ।


(रचनाकाल : 1981)