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आज के समय में ईश्वर / रजत कृष्ण

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आपका ईश्वर कौन है
कहाँ रहता और क्या करता है
कुछ नहीं कहना मुझे आपसे ।

हों, पूछा मेरे ईश्वर के बारे में
यदि आपने
तो मैं उससे
अपने साथ दफ़्तर में
काम करते हुए मिलना पसन्द करूँगा ।।

देखना चाहूँगा उसे
उस पिता की आँखों में
जो अपनी पाँच साल की बच्ची को
पड़ोस के बूढ़े वहशी को
चंगुल से छुड़ा कर
अभी-अभी हास्पीटल लाया है

सुनना चाहूँगा
लीला वृत्तान्त उसका
उस हरियाणवी माँ के मुख से
जिसके जिगर के टुकड़े दंबगों के हाथों
महज इसलिए भून डाले गए
कि वे जन्मे थे उस दलित कोख से
जिनके लिए हत्यारों के पुरखों के मन में
जगह न थी
और ना ही कभी पसन्द आए वे उन्हें ।

आपका ईश्वर कौन है
कहाँ रहता और क्या करता है
नहीं कहना मुझे आपसे कुछ भी
सिवा यह पूछने के
कि कितना कठिन होगा आज के समय में
ईश्वर के लिए भी ।
अपने, ईश्वरत्व को बचाना ।।