वह गुलाब का फूल
अपने अतीत की कहानी
कहता,
दुबका पड़ा है
मेरी किताब के बीच
जैसे पड़ा हो
एक-दूसरे
की दूरी को मिटाता हुआ
मेरा तुम्हारा वह स्पर्श ।
वह गुलाब का फूल
अपने अतीत की कहानी
कहता,
दुबका पड़ा है
मेरी किताब के बीच
जैसे पड़ा हो
एक-दूसरे
की दूरी को मिटाता हुआ
मेरा तुम्हारा वह स्पर्श ।