गृह
बेतरतीब
ध्यानसूची
सेटिंग्स
लॉग इन करें
कविता कोश के बारे में
अस्वीकरण
पृष्ठ इतिहास
हवस को है निशात-ए-कार / गा़लिब
7 मार्च 2010
Sandeep Sethi
22:15
+88