Changes

|संग्रह=दीठ / कन्हैया लाल सेठिया
}}
[[Category:मूल राजस्थानी भाषा]]{{KKCatRajasthaniRachna}}
{{KKCatKavita‎}}
<Poem>
 
मैं ही कारण
मैं ही कर्ता
भटकतो मिलसी
सत रो सहज सुराग !
 
</Poem>
Delete, Mover, Protect, Reupload, Uploader
8,152
edits