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उड़ने दे घनश्याम गगन में / माखनलाल चतुर्वेदी
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11:11, 6 अक्टूबर 2009
सुख-दुख के झोंके खा-खाकर
ले अवसर उड़ान अकुलाकर
हुई मस्त दिलदार
लगने
लगन
में
उड़ने दे धनश्याम गगन में!
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