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वसंत का मेला / अशोक लव

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उग गयी
अमलतास पर उत्साहों की पत्तियाँ
झड गयी टहनियों की उदासी
सज गए आशाओं के फूल

उतार दिए अमलतास ने
पतझड़ी वस्त्र
चल पड़ा देखने
वसंत का मेला
हरे रंग पर
पीले छपे वाले फूलों वाली कमीज़ पहने