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अगला गारी रुनुरुुनु गे, पछला गारी गे खाली / अंगिका लोकगीत

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

दुलहन के साथ उसके घर से कोई नहीं आया। प्रस्तुत गीत में उसके साथ कुत्ते, बिलार और चूहे के आने की बात कहकर व्यंग्यपूर्ण परिहास किया गया है।

अगला गारी रुनुरुुनु गे, पछला गारी गे खाली।
तोर कुलें[1] भैया नाहिं गे, कुत्ता ऐलौ[2] गे सँगे॥1॥
अगलाा गारी रुनुझुनु गे, पछला गारी गे खाली।
तोर कुलें चाचा नाहिं गे, बिलबा[3] ऐलौ गे सँगे॥2॥
अगला गारी रुनुझुनु गे, पछला गारी गे खाली।
तोर कुलें बाबा नाहिं गे, मूसा[4] ऐलौ गे सँगे॥3॥

शब्दार्थ
  1. कुल में; वंश में
  2. आया
  3. बिलार
  4. चूहा