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अजगैवी बाबा के घर से, गंगा जल भर लाएंगे / अवधेश्वर प्रसाद सिंह

अजगैवी बाबा के घर से, गंगा जल भर लायेंगे।
झटकल दुलकल काँवर लेकर, बाबा के घर जायेंगे।।

ऐसा ही माहौल रहा तो हर आँगन सुख जागेंगे।।
ले काँवर में गंगा जल हम शिव शंकर पर ढारेंगे।।

सावन महिना गंगा का जल, बाबा को अच्छा लगता।
ले काँवर में गंगा का जल हम भोला पर ढारंेगे।।

काँवरिया पथ पर सुविधाएँ, सरकारी झूठा निकला।
फिर भी हम चलते जायेंगे, तब दर्शन कर पायेंगे।।

भाई चारे का है अवसर, सब आरक्षण ध्वस्त हुआ।
सब मिलकर गाते जाते हैं, अब शिव शंकर आयेंगे।।

सब की पीड़ा एक है यारो, हम सब हैं भाई-बहिना।
हर-हर भोले नारा गूँजे, काँवर लेकर नाचेंगे।।