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आने वाले कवियों के प्रति / वाल्ट ह्विटमैन / दिनेश्वर प्रसाद

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आगे आने वाले कवियो ! आगे आने वाले वक्ताओं, गायको और संगीतकारो !
वर्तमान समय मेरा औचित्य बतलाने वाला और मेरे प्रयोजन
क्या हैं, इसका उत्तर देने वाला नहीं है,
बल्कि तुम, एक नई सन्तति — बलिष्ठ, महाद्वीपीय
पहले के ज्ञातों से भी कहीं अधिक महत्,
जागो ! क्योंकि तुमको मेरा औचित्य बतलाना है,

मैं तो भविष्य के लिए एक-दो निर्देशक शब्द लिखता हूँ,
मैं तो केवल एक क्षण पहिया आगे बढ़ाता और तेज़ी से
अन्धेरे में लौट आता हूँ,

मैं वह आदमी हूँ, जो बिना पूरी तरह रुके टहलते
तुम पर यूँ ही दृष्टि डालता और फिर मुँह फेर लेता है,
प्रमाणित और परिभाषित करने का कार्य तुम पर छोड़ते हुए,
तुम से ही प्रमुख बातों की अपेक्षा करते हुए ।

मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद : दिनेश्वर प्रसाद

लीजिए, अब यही कविता मूल अँग्रेज़ी में पढ़िए
                Walt Whitman
                Poets To Come

POETS to come! orators, singers, musicians to come!
Not to-day is to justify me and answer what I am for,
But you, a new brood, native, athletic, continental, greater than
before known,
Arouse! for you must justify me.

I myself but write one or two indicative words for the future,
I but advance a moment only to wheel and hurry back in the
darkness.

I am a man who, sauntering along without fully stopping, turns a
casual look upon you and then averts his face,
Leaving it to you to prove and define it,
Expecting the main things from you.