भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

इन बाँझ सपनों पर / विजय चोरमारे / टीकम शेखावत

Kavita Kosh से
अनिल जनविजय (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 01:31, 5 फ़रवरी 2018 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=विजय चोरमारे |अनुवादक=टीकम शेखाव...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

इन बंजर सपनों पर
छिड़ककर गुलाल
पहुँचा दो नदी के रास्ते
’राम नाम सत्य है’ कहते हुए

जी करे तो जुत जाओ
किसी भजनमण्डली के आगे
‘हम चलते है अपने गाँव
सभी को राम राम’

मूल मराठी से अनुवाद — टीकम शेखावत