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एके कोखी बेटा जन्मे एके कोखी बेटिया / भोजपुरी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

एके कोखी[1] बेटा जन्मे एके कोखी बेटिया
दू रंग नीतिया[2]
काहे कईल[3] हो बाबू जी
दू रंग नीतिया

बेटा के जनम में त सोहर गवईल अरे सोहर गवईल[4]
हमार बेरिया, काहे मातम मनईल हमार बेरिया[5]

दू रंग नीतिया
काहे कईल हो बाबू जी
दू रंग नीतिया

बेटा के खेलाबेला[6] त मोटर मंगईल अरे मोटर मंगईल
हमार बेरिया, काहे सुपली मऊनीया[7] हमार बेरिया

दू रंग नीतिया
काहे कईल हो बाबू जी
दू रंग नीतिया

बेटा के पढ़ाबेला[8] स्कूलिया पठईल अरे स्कूलिया पठईल[9]
हमार बेरिया, काहे चूल्हा फूँकवईल हमार बेरिया

दू रंग नीतिया
काहे कईल हो बाबू जी
दू रंग नीतिया

बेटा के बिआह में त पगड़ी पहिरल[10] अरे पगड़ी पहिरल
हमार बेरिया, काहे पगड़ी उतारल[11] हमार बेरिया

दू रंग नीतिया
काहे कईल हो बाबू जी
दू रंग नीतिया

एके कोखी बेटा जन्मे एके कोखी बेटिया
दू रंग नीतिया
काहे कईल हो बाबू जी दू रंग नीतिया

शब्दार्थ
  1. कोख से पैदा
  2. दुरंगी नीति
  3. क्यों किया
  4. सोहर गीत गवाए
  5. हमारी बारी में
  6. खेलने के लिए
  7. सूप और डलिया
  8. पढ़ाने के लिए
  9. स्कूल भेजा
  10. पगड़ी पहनी
  11. पगड़ी उतारी