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"करते हैं तकरार मज़े में रहते हैं / राज़िक़ अंसारी" के अवतरणों में अंतर

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07:34, 14 जून 2019 के समय का अवतरण

करते हैं तकरार मज़े में रहते हैं
फिर भी हम सब यार मज़े में रहते हैं

हिजरत करने वालों को मालूम नहीं
हम पुल के इस पार मज़े में रहते हैं

बाज़ू वालों को दुख है तो बस ये है
लोग पस ए दीवार मज़े में रहते हैं

पतझड़ हो या हरियाली का मौसम हो
हम जैसे किरदार मज़े में रहते हैं

आस पास की बस्ती वालों से कह दो
करते हैं जो प्यार मज़े में रहते हैं